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68 फीसदी बढ़त के साथ सूचीबद्ध हुआ सीडीएसएल का शेयर

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मुंबई– लगातार बाजार में अच्छी कीमतों पर सूचीबद्ध हो रहे शेयरों में शुक्रवार को एक और शेयर ने धमाका किया। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेस लिमिटेज (सीडीएसएल) का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर करीबन 68 फीसदी बढ़त के साथ सूचीबद्ध हुआ जो 250 रुपये के प्रति शेयर के भाव पर हुआ।

बता दें कि सीडीएसएल की सूचीबद्धता के लिए निर्गम का मूल्य 149 रुपये तय किया गया था। सूचीबद्ध होने के बाद इसके शेयरों का भाव दोपहर में 5 फीसदी बढ़त के साथ 262 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। इसका प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 21 जून को बंद हुआ था और कंपनी में एंकर निवेशकों ने 154 करोड़ रुपये लगाए थे। यह देश की पहली डिपॉजिटरी कंपनी है, जो स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुई है।

524 करोड़ रुपये बाजार से जुटाने के लिए उतरी इस कंपनी के निर्गम को ऐतिहासिक रूप से 170 गुना अभिदान मिला था। यानी 500 करोड़ की तुलना में इसे 64,000 करोड़ रुपये के लिए आवेदन निवेशकों की ओर से मिले थे। यह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की प्रवर्तक कंपनी है और इसमें बीएसई की 50 फीसदी हिस्सेदारी है। आईपीओ के बाद बीएसई की कंपनी में हिस्सेदारी घटकर 24 फीसदी रह गई है।

ग्रे मार्केट में भी इस पर अच्छा प्रीमियम मिला है। यह साल 2017 का दूसरा ब्लॉक बस्टर सूचीबद्ध शेयर है। इससे पहले अवेन्यू सुपर मार्ट का शेयर सूचीबद्ध हुआ था जो 100 फीसदी बढ़त के साथ सूचीबद्ध हुआ था। यह कंपनी डी मार्ट का परिचालन करती है। जबकि म्युजिक ब्रॉड कॉस्ट और हुडको जैसे शेयर भी 20 फीसदी की बढ़त के साथ सूचीबद्ध हुए थे।

सीडीएसएल का शेयर एक ऑफर फॉर सेल के तहत जारी हुआ था जो 3.51 करोड़ शेयरों को जारी किया था। इसमें बीएसई के अलावा भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बडौदा ने भी अपने शेयर की बिकवाली की थी। दिसंबर 1997 में स्थापित सीडीएसएल भारत में अग्रणी डिपॉजिटरी सेवा प्रदाता है।

केयर में क्रिसिल ने खरीदी हिस्सेदारी, शेयर 12 फीसदी बढ़ा

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मुंबई– अग्रणी रेटिंग एजेंसी केयर के शेयरों में गुरुवार को जोरदार उछाल देखा गया। दरअसल केयर के 26.60 लाख शेयरों में 1660 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बड़ा सौदा किया गया, जिससे यह उछाल देखी गई।
स्टॉक एक्सचेंजों पर दी गई जानकारी के मुताबिक सरकारी क्षेत्र के अग्रणी बैंक कैनरा बैंक ने इस सौदे के जरिए अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है और अग्रणी रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने इसे खरीद लिया है। कैनरा बैंक ने केयर में अपनी हिस्सेदारी बेचकर 432 करोड़ रुपये जुटाया है। क्रिसिल ने केयर में 1659.79 रुपये प्रति शेयर के भाव से 8.9 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर केयर का शेयर 12 फीसदी बढ़कर 1590 रुपये पर कारोबार कर रहा था जबकि बीएसई पर यह 16 फीसदी से ज्यादा बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। क्रिसिल का शेयर 1.28 फीसदी बढ़कर 1950 रुपये पर कारोबार कर रहा था जबकि कैनरा बैंक का भी शेयर बढ़त पर कारोबार कर रहा था। क्रिसिल ने कहा कि निवेश की प्रक्रिया कैनरा बैंक द्वारा शुरू की गई निविदा के जरिए हुई है। क्रिसिल लगातार अपनी कॉर्पोरेट रणनीति के तहत इस तरह का निवेश करती रही है। 

बाजार में आ रही है पैसों की बहार 9,308 करोड़ के आईपीओ की तुलना में आया 5.05 लाख करोड़

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मुंबई– जून महीने में रिकॉर्ड करीबन 6,000 करोड़ रुपये मूल्य के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) आने के बाद बाजार में पैसों की बहार आ रही है। इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस साल जनवरी से लेकर अब तक बाजार से 9,308 करोड़ रुपये जुटाने उतरी कंपनियों को इसकी तुलना में 5,05,521 करोड़ रुपये के लिए अभिदान मिला।
विश्लेषकों का कहना है कि महज 9,308 करोड़ रुपये की तुलना में बाजार में पांच लाख करोड़ रुपये से ऊपर की राशि आने का मतलब यह है कि निवेशकों के पास अच्छी कंपनियों में और सही अवसर पर बाजार में निवेश करने के लिए अभी भी पैसे हैं। इसलिए जब आने वाले दिनों में बाजार में अच्छे निर्गम आएंगे तो उन्हें अच्छी खासी सफलता मिल सकती है।
स्टॉक एक्सचेंजों के आंकड़े बताते हैं कि जून महीने में ही अकेले 71,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि के आवेदन निर्गमों के लिए आए हैं, जबकि इन कंपनियों को महज 5,000 करोड़ रुपये जुटाने थे। इसमें एरिस फार्मा को 1,741 करोड़ रुपये की तुलना में 5,727 करोड़ रुपये मिला तो सीडीएसएल को 500 करोड़ की तुलना में 64,000 करोड़ रुपये मिले। जीटीपीएल हैथवे को 240 करोड़ की तुलना में 367 तो तेजस नेटवर्क को 450 करोड़ की तुलना में 846 करोड़ रुपये मिले।
पीएसपी प्रोजेक्ट को 211 करोड़ की तुलना में 1,810 करोड़ रुपये मिले तो हुडको को 1,224 करोड़ की तुलना में 97,334 करोड़ रुपये मिले। इसी तरह एस चांद के निर्गम को 728 करोड़ की बजाय 43,308 करोड़ रुपये मिले तो सीएल एजुकेट को 238 की तुलना में 460 करोड़ रुपये मिले। म्युजिक ब्रॉडकॉस्ट को 488 करोड़़ की तुलना में 18,168 करोड़ मिले तो अवेन्यु सुपर मार्केट को 1,870 करोड़ की बजाय 1,95,377 करोड़ रुपये मिले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के निर्गम को 1,243 करोड़ रुपये की तुलना में 63,666 करोड़ रुपये मिले।
इस तरह देखा जाए तो जनवरी से लेकर अब तक के 6 महीनों में कुल 13 आईपीओ को 9,308 करोड़ रुपये की तुलना मे 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिली। जो बड़े आईपीओ आनेवाले हैं, उसमें प्रमुख रूप से यूटीआई म्युचुअल फंड, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (जीआईसी), एनएसडीएल, एनएसई आदि का है।

रिजर्व बैंक के नए नियमों से पिटे बैंकों के शेयर

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मुंबईभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए नियमों से मंगलवार को सरकारी बैंकों के शेयरों की अच्छी खासी पिटाई हो गई। सरकारी बैंक शेयरों के इंडेक्स में 4 फीसदी की गिरावट आई।

दरअसल डूबे हुए कर्ज यानी बुरे फंसे कर्जों (एनपीए) के मामले में आरबीआई के नए नियमों से बैंकों को झटका लगा है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) को 50 फीसदी प्रावधान करना पड़ेगा। और अगर एनसीएलटी में मामला नहीं सुलझा और कंपनी के असेट बेचने की नौबत आई तो 100 फीसदी का प्रावधान करना होगा।

माना जा रहा है कि इससे बैंकों को 50 हजार करोड़ रुपये अलग रखने पड़ सकते हैं। इस खबर से सरकारी बैंकों के शेयरों पर मंगलवार को अच्छा खासा असर दिखा। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का शेयर 3.27 फीसदी गिरकर 279 रुपये पर बंद हुआ तो बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर 3.64 फीसदी गिरकर 154 रुपये पर बंद हुआ।

इसी तरह कैनरा बैंक का शेयर 4.52 फीसदी गिरकर 324 रुपये पर बंद हुआ तो यूनियन बैंक का सेयर 2.83 फीसदी गिरकर 142 रुपये पर बंद हुआ। विजया बैंक का शेयर 4.15 फीसदी गिरकर 71 रुपये पर बंद हुआ तो इंडियन बैंक का शेयर 4.46 फीसदी गिरकर 276 रुपये पर बंद हुआ। पंजाब नेशनल बैंक का शेयर 4.69 फीसदी गिरकर 137 रुपये पर बंद हुआ तो अलाहाबाद बैंक का शेयर 3.88 फीसदी गिरकर 66 रुपये पर बंद हुआ।

हालांकि पिछली तिमाही में कुछ बैंकों ने एनपीए पर थोड़ा काम किया है और उसका असर भी दिखा है। इस तिमाही में बैंकों के एनपीए की रिकवरी में कुछ और अच्छा कदम दिख सकता है। लेकिन रिजर्व बैंक के नियमों ने इसे पहले ही दबाव में ला दिया है और आनेवाले समय में बैंकिंग सेक्टर के शेयर दबाव में रह सकते हैं।

बाजार पर शुरू हो गया जीएसटी का डर बीएसई, एनएसई गिरावट के साथ बंद

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मुंबईवस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का डर बाजार में हावी होता दिख रहा है। ग्लोबल बाजारों की सुस्ती ने भी बाजार में दबाव बनाने का काम किया। हालांकि बाजार हल्की बढ़त के साथ खुला था। लेकिन जल्दी ही बाजार में मुनाफावसूली हावी हो गई।

आज के कारोबार में निफ्टी ने 9473.45 तक गोता लगाया, तो सेंसेक्स 30847 तक टूट गया था। अंत में बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 180 अंक यानि 0.6 फीसदी टूटकर 30,958 के स्तर पर बंद हुआ है। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 63.5 अंक यानि 0.7 फीसदी की कमजोरी के साथ 9,511.4 के स्तर पर बंद हुआ है।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी गिरावट से बच नहीं पाए। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 115 अंक यानि 0.8 फीसदी की गिरावट के साथ 14,469 के स्तर पर बंद हुआ है। वहीं निफ्टी का मिडकैप 100 इंडेक्स 1.3 फीसदी की कमजोरी के साथ 17,455.6 के स्तर पर बंद हुआ है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 241 अंक यानि 1.6 फीसदी टूटकर 15,141 के स्तर पर बंद हुआ है।

बाजार में सबसे ज्यादा पिटाई हुई सरकारी बैंकों की। इसके अलावा ऑटो, आईटी, मीडिया, रियल्टी, कैपिटल गुड्स और पावर शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली है। बैंक निफ्टी 1.4 फीसदी गिरकर 23,216.25 के स्तर पर बंद हुआ है, जबकि निफ्टी के पीएसयू बैंक इंडेक्स में 3.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। निफ्टी के ऑटो इंडेक्स में 0.6 फीसदी, आईटी इंडेक्स में 1 फीसदी और मीडिया इंडेक्स में 2.7 फीसदी की कमजोरी आई है। बीएसई के रियल्टी इंडेक्स में 1.4 फीसदी, कैपिटल गुड्स इंडेक्स में 1.2 फीसदी और पावर इंडेक्स में 0.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

मिडकैप शेयरों में केनरा बैंक, ओबेरॉय रियल्टी, इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक 4.5-3.9 फीसदी तक टूटकर बंद हुए हैं। हालांकि मिडकैप शेयरों में जयप्रकाश एसोसिएट्स, वॉकहार्ट, रिलायंस कम्युनिकेशंस, श्रीराम ट्रांसपोर्ट और हैवेल्स 11.8-1.6 फीसदी तक मजबूत होकर बंद हुए हैं।  आज के कारोबार में दिग्गज शेयरों में बैंक ऑफ बड़ौदा, एसीसी, जी एंटरटेनमेंट, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, इंफोसिस, एशियन पेंट्स और बजाज ऑटो 3.7-1.6 फीसदी तक गिरकर बंद हुए हैं।

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