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Nimish Sir - Exclusive Guest of Speaker at CNBCTV -18. Sharing thoughts on Profit Booking Stock Market.

Money is Never Hard to Earn. Only Needs right Guidance.

 

Higher Delivery Quantity (20/02/2019)

SingleDataSeriesExample_01
NAME DELV QTY AVG QTY CLOSE
DBCORP 561700 20330 180
SHK 435070 22696 139.40
GESHIP 457515 25773 273.90
SBILIFE 1102008 87709 561.60
MHRIL 126538 14082 193.45
FINPIPE 299606 34521 447
SANOFI 21554 4383 5979
GSKCONS 21610 4492 7209.60
THERMAX 250739 62248 964.85

रिलायंस पावर की हिस्सेदारी बेचकर 2,500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी

Stock Trading Education
मुंबई- संकट का सामना कर रहे अनिल धीरुभाई अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस पावर की हिस्सेदारी बेचकर फंड जुटाए जाने की योजना बनाई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कतर और अबू धाबी के सॉवरेन वेल्थ फंड्स के साथ इक्विटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी केकेआर ने रिलायंस पावर में हिस्सेदारी लिए जाने को लेकर रुचि दिखाई है। रिलायंस पावर की हिस्सेदारी बेचकर प्रवर्तक करीब 2,500 करोड़ रुपये जुटाए जाने की योजना बना रहे हैं।
अनिल अंबानी समूह की इस कंपनी ने प्रस्तावित हिस्सेदारी बिक्री के लिए जे पी मॉर्गन को बैंकर नियुक्त किया है। सूत्रों ने कहा कि कंपनी के प्रवर्तक अपनी कुल 30 फीसदी हिस्सेदारी में से 18-19 फीसदी की बिक्री करने के बारे में विचार कर रहे हैं। हालांकि बिक्री के बाद वह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसमें 51 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी रखेंगे। बंबई स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक दिसंबर 2018 के अंत तक कंपनी में प्रवर्तक की हिस्सेदारी 75 फीसदी रही है।
कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, ब्लैकस्टोन, टीपीजी और केकेआर ने हिस्सेदारी खरीद में रुचि दिखाई है। पिछले हफ्ते रिलायंस समूह ने 90 फीसदी से अधिक कर्जदाताओं के साथ यह समझौता किया था कि सितंबर तक उनमें से कोई भी गिरवी रखे गए शेयरों की बिक्री नहीं करेगा। समझौते के तहत ग्रुप समय पर कर्ज देने वाली संस्थाओं और बैंकों को मूलधन के साथ ब्याज का भी भुगतान करता रहेगा।

नौवें दिन भी बाजार में गिरावट जारी

Recession Chart
मुंबई- भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी रही और 9 वें दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। दिन का कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 145 अंकों की गिरावट के साथ 35,352 पर और निफ्टी 36 अंकों की गिरावट के साथ 10,604 पर कारोबार कर बंद हुआ है।

निफ्टी 50 में शुमार 50 शेयरों में से 25 हरे, 24 लाल के कारोबार कर बंद हुए हैं। इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी का मिडकैप 0.48 फीसदी की तेजी और स्मॉलकैप 0.36 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। हालांकि बाजार जब सुबह खुला तो बढ़त के साथ खुला था, लेकिन आखिरी घंटे में बाजार ने दिनभर की बढ़त गंवाई और सेंसेक्स निफ्टी दोनों दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुए।

आज के कारोबार में टीसीएस, विप्रो, एनटीपीसी और इंफोसिस में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली है जबकि वेदांता, ग्रासिम, बीपीसीएल और जेएसडब्ल्यू स्टील में सबसे ज्यादा मजबूती आई है। सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो दिन का कारोबार खत्म होने पर निफ्टी ऑटो 0.07 फीसदी की तेजी, निफ्टी फाइनेंस सर्विस 0.09 फीसदी की तेजी, निफ्टी एफएमसीजी 0.15 फीसदी की तेजी, निफ्टी आईटी 2.08 फीसदी की गिरावट, निफ्टी मेटल 1.42 फीसदी की तेजी, निफ्टी फार्मा 0.25 फीसदी की गिरावट और निफ्टी रियलिटी 1.72 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं।
शीर्ष बढ़त वाले शेयरों में वेदांता लिमिटेड 3.34 फीसदी की तेजी, ग्रासिम 3.02 फीसदी की तेजी, बीपीसीएल में 2.75 फीसदी की तेजी, जील में 2.06 फीसदी की तेजी और जेएसडब्ल्यू स्टील में 1.78 फीसदी की तेजी देखी गई। जबकि विप्रो में 3.26 फीसदी, टीसीएस में 3.18 फीसदी, इंडसइंड में 2.79 फीसदी, अदानी पोर्ट में 249 फीसदी और एनटीपीसी में 2.44 फीसदी की गिरावट देखी गई।

बायबैक का बाजार फिर गरम

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मुंबई- बाजार में पिछले हफ्ते हर दिन गिरावट के बाद बाजार में बायबैक (शेयरों की फिर से खरीदी) का दौर चल पड़ा है। खबर है कि टेक महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), ऑयल इंडिया, विप्रो जैसी ब्लूचिप कंपनियां बायबैक ला सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक जब इतनी बड़ी कंपनियां बायबैक ला रही हों तो निवेशकों को इस बारे में सोचना चाहिए। बायबैक एक तरह से निवेशकों में विश्वास भी पैदा करता है। साथ ही कंपनी में भरोसा बढ़ाने और शेयरों के गिरते भाव को थामने का भी एक अच्छा तरीका है। कई बार कंपनी के मालिकों को लगता है कि कंपनी के शेयर मूल्य के दबाव में हैं तो इसलिए कंपनियां इसे एक स्थिरता प्रदान करने के लिए बायबैक लाती हैं।
साथ ही कंपनियों के मालिक एक अच्छे खासे भाव पर बायबैक लाते हैं और इसमें निवेशकों को भी लाभ मिलता है। या निवेशक अपने शेयर में मुनाफा वसूली कर लें या फिर वे इसे पहले खरीद कर बायबैक के दौरान बेच दें। बायबैक ऑफर नकदी पर बैठी कंपनियां लाती हैं। टेंडर ऑफर या खुले बाजार से बायबैक लाया जाता है। बायबैक शेयरहोल्डर्स को सरप्लस कैश लौटाने का जरिया है।
कंपनी बायबैक इसलिए करती है ताकि प्रोमोटर अपना नियंत्रण बढ़ा सकें। कंपनी में भरोसा दिखाने के लिए बायबैक किया जाता है। इससे कंपनी का प्रति शेयर आय (ईपीएस) और प्राइस अर्निंग (पीई) दोनों बढ़ जाते हैं। कंपनी के शेयर में गिरावट रोकने के लिए भी बायबैक किया जाता है।

पैंटोमैथ और पीआई स्क्वेयर ने लांच किया असेट मैनेजमेंट एलएलपी

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मुंबई- लघु एवं मध्यम उद्योग (एसएमई) क्षेत्र की अग्रणी मर्चेंट बैंकर कंपनी पैंटोमैथ और पीआई स्क्वेयर ने संयुक्त रूप से भागीदारी में एक पैंटोमैथ पीआई स्क्वेयर असेट मैनेजमेंट एलएलपी की स्थापनी की है। यह संयुक्त उपक्रम असेट मैनेजमेंट कंपनी इंडिया इंफ्लेक्शन अपोर्च्युनिटी फंड की स्थापना करेगी और इस क्लोज एंडेड सिरीज का आकार 400 करोड़ रुपये का फंड होगा।
भारतीय उद्यमी इस समय आनेवाले समय में अच्छे तरीके से घरेलू खपत और वैश्विक वृद्धि से लाभान्वित होने की स्थिति में हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था 2025 तक जहां 5 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है और साथ ही 50 अरब डॉलर के एफडीआई निवेश आने की उम्मीद है। ऐस में इस तरह के फंड काफी उपयुक्त हो सकते हैं। इस फंड का उद्देश्य उभरते हुए व्यवसाय को मदद प्रदान करना और निवेश करने का लक्ष्य है।
यह फंड निवेश के अवसरों का एक अच्छा बास्केट तैयार करेगा, जिसमें अनोखा हाइब्रिड असेट अलोकेशन की रणनीति होगी और साथ ही वृद्धि वाले व्यवसायों की तमाम जरूरतों को पूरा करने पर भी होगा। इस फंड की अवधि 5 सालों की होगी।
इस बार में पैंटोमैथ समूह के प्रबंध निदेशक महावीर लुनावत ने कहा है कि इस संयुक्त उपक्रम के तहत हम उभरते हुए व्यवसायों के लिए फंड प्रबंधन करेंगे। हमारा मानना है कि तमाम व्यवसाय किसी स्तर पर आर्थिक जरूरत की महसूस करते हैं लेकिन उस समय उनको यह मदद नहीं मिल पाती है। यह फंड उनकी वृद्धि के भागीदार के रूप में उपयोगी साबित होगा और इससे फंड निवेशकों को लाभ होगा। पैंटोमैथ पीआई स्क्वेयर के मुख्य निवेश अधिकारी विश्रुत पाठक ने बतायाा कि हमारा फोकस कम विस्तार वाले व्यवसायों पर होगा जो आनेवाले साल में वृद्धि हासिल कर सकें।

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