Monthly Archives: May 2017

एलआईसी की 9 कंपनियों के शेयरों में होल्डिंग का मूल्य बढ़ा

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मुंबई- देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी और बाजार में सबसे बड़ी निवेशक कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने हाल के समय में जो मुनाफा वसूली बाजार से की है, उसमें इसने 9 शेयरों से अच्छी कमाई की है।

आंकड़े बताते हैं कि इस बीमा कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2017 में शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर 19,000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है और जिन शेयरों में इसकी हिस्सेदारी है, उसमें सभी ने अच्छा रिटर्न दिया है। मार्च 2017 तक की बात करें तो एलआईसी की तंबाकू कंपनी आईटीसी में 55,668 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर थे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज में इसकी हिस्सेदारी 6.8 फीसदी है तो ओएनजीसी में 4.2 फीसदी है। एसबीआई में 4.1 फीसदी तो एनटीपीसी में 3.3 और आईसीआईसीआई बैंक में 3.3 और टीसीएस में 3.4 फीसदी है। बताते हैं कि शीर्ष 9 शेयरों में जो एलआईसी की होल्डिंग है, उनके शेयरों में के मूल्य में अच्छी खासी तेजी दिखी है।

हाल के दिनों में इन शेयरों के मूल्यों में अच्छी खासी तेजी देखी गई है, जिससे एलआईसी की होल्डिंग वाले शेयरों में भी तेजी है। इससे एलआईसी ने जो निवेश किया है, उसका मूल्य बेहतर तरीके से बढ़ा है। एलआईसी का कुल निवेश का 83 फीसदी हिस्सा इसकी शीर्ष 40 कंपनियों में है, जो पिछले कुछ समय से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

बाजार में ऊपरी स्तरों पर दिखी बिकवाली

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मुंबई- बाजार आज उतार-चढ़ाव के बीच एक सीमित दायरे में रहा। हालांकि कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नए शिखर पर पहुंच गए। लेकिन आखिरी घंटे में ऊपरी स्तरों से बिकवाली का हल्का दबाव दिखा। अंत में निफ्टी 9620 के आसपास बंद हुआ है, जबकि सेंसेक्स 31150 के नीचे फिसल गया है।

उधर कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर बारिश उम्मीदों के अनुरूप रही तो शेयर बाजार में यहां से 5-6 फीसदी की अतिरिक्त तेजी दिख सकती है। वैसे मौसम विभाग ने पहले ही यह उम्मीद जताई है कि इस बार मानसून बेहतरीन होगा और इसका फायदा मिलेगा। बता दें कि मानसून बेहतर होने से देश की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा और इससे खपत वाले सेक्टरों में भी तेजी आएगी।

हालांकि आज मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छा जोश नजर आया। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 135.5 अंक यानि करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ 14,625 के स्तर पर बंद हुआ है। निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 156 अंक यानि 1 फीसदी की मजबूती के साथ 15,080 के स्तर पर बंद हुआ है।

बीएसई के रियल्टी इंडेक्स में 1 फीसदी, कंज्यूमर ड्युरेबल्स इंडेक्स में 0.8 फीसदी, पावर इंडेक्स में 0.5 फीसदी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि आज मेटल और आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा है। निफ्टी के मेटल इंडेक्स में 1.5 फीसदी और आईटी इंडेक्स में 0.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

ऑटो, बैंकिंग, एफएमसीजी, फार्मा, रियल्टी, कंज्यूमर ड्युरेबल्स, पावर और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी का माहौल दिखा है। बैंक निफ्टी 0.5 फीसदी की बढ़त के साथ 23,425 के स्तर पर बंद हुआ है, लेकिन निफ्टी का पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.2 फीसदी गिरा है। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 14 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 31,146 के स्तर पर सपाट होकर बंद हुआ है। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 3.3 अंक गिरकर 9621.25 के स्तर पर सपाट होकर बंद हुआ है।

आज के कारोबार में दिग्गज शेयरों में वेदांता, इंफोसिस, कोल इंडिया, टाटा पावर, भारती इंफ्राटेल, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील 2.5-1.2 फीसदी तक लुढ़ककर बंद हुए हैं। मिडकैप शेयरों में एमएंडएम फाइनेंशियल, एनएलसी इंडिया, इंडियन होटल्स और जीई टीएंडडी सबसे ज्यादा 8.2-3.8 फीसदी तक बढ़कर बंद हुए हैं।

मिडकैप में दिखी तेजी, बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद

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मुंबईमंगलवार को मिड कैप शेयरों में मंगल-मंगल नजर आया। इन शेयरों में अच्छी काफी तेजी देखी गई, और इसके साथ ही बाजार थोड़ी बढ़त के साथ बंद हुआ। स्मलॉल कैप शेयरों में भी थोड़ी खरीदारी देखी गई। बाजार में थोड़ा उतार-चढ़ाव भी देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी करीब 0.25 फीसदी तक बढ़कर रिकॉर्ड स्तरों पर बंद हुए हैं। निफ्टी 9600 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा है, जबकि सेंसेक्स 31150 के पार जाने में कामयाब रहा है।

फार्मा, ऑटो, आईटी, मेटल, बैंकिंग, ऑयल एंड गैस और रियल्टी शेयरों में खरीदारी दिखी है। बैंक निफ्टी 0.5 फीसदी बढ़कर 23,307 के स्तर पर बंद हुआ है। निफ्टी के पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1.8 फीसदी, फार्मा इंडेक्स में 2.7 फीसदी, ऑटो इंडेक्स में 0.5 फीसदी, आईटी इंडेक्स में 0.4 फीसदी और मेटल इंडेक्स में 0.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।

बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 120 अंक यानि 0.8 फीसदी बढ़कर 14,490 के स्तर पर बंद हुआ है। निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की मजबूती आई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 69 अंक यानि 0.5 फीसदी की बढ़त के साथ 14,924 के स्तर पर बंद हुआ है। बीएसई के ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.5 फीसदी और रियल्टी इंडेक्स में 1.2 फीसदी की तेजी आई है। एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्युरेबल्स और कैपिटल गुड्स शेयरों में बिकवाली देखने को मिली है।

बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 50 अंक यानि 0.15 फीसदी की बढ़त के साथ 31,159.4 के स्तर पर बंद हुआ है। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 20 अंक यानि 0.2 फीसदी बढ़कर 9,624.5 के स्तर पर बंद हुआ है।

आज के कारोबार में दिग्गज शेयरों में अरविंदो फार्मा, अदानी पोर्ट्स, एनटीपीसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, टेक महिंद्रा, डॉ रेड्डीज, हीरो मोटो और और आईसीआईसीआई बैंक 13.25-1.9 फीसदी तक उछलकर बंद हुए हैं। मिडकैप शेयरों में गोदरेज इंडस्ट्रीज, पीरामल एंटरप्राइजेज, बजाज फिनसर्व, टाटा केमिकल्स और डिवीज लैब्स सबसे ज्यादा 4.1-3.1 फीसदी तक बढ़कर बंद हुए हैं।

तेजी रहेगी बरकरार, सेंसेक्स 31,200 के पार

मुंबई घरेलू बाजार रिकॉर्ड स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स 31200 के पार निकल गया है, जबकि निफ्टी 9650 के करीब आगे बढ़ रहा है। आज के कारोबार में निफ्टी ने 9637.75 का नया रिकॉर्ड ऊपरी स्तर बनाया है, तो सेंसेक्स भी 31214.39 का नया रिकॉर्ड ऊपरी स्तर बनाने में कामयाब रहा है।

 

हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव नजर आ रहा है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.25 फीसदी गिरकर 14480 पर नजर आ रहा है, जबकि आज के कारोबार में इंडेक्स 14300 के नीचे फिसला था। निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.9 फीसदी गिरकर 14950 के करीब आ गया है।

 

एफएमसीजी, ऑटो, मेटल और कंज्यूमर ड्युरेबल्स शेयरों में अच्छी खरीदारी से बाजार ने बढ़त बनाई है। निफ्टी के एफएमसीजी इंडेक्स में 2.2 फीसदी, ऑटो इंडेक्स में 0.6 फीसदी और मेटल इंडेक्स में 0.6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।

 

बैंकिंग, आईटी, फार्मा, रियल्टी और पावर शेयरों में बिकवाली हावी है। बैंक निफ्टी 0.25 फीसदी की गिरावट के साथ 23,300 के स्तर पर नजर आ रहा है, जबकि निफ्टी के पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1.25 फीसदी की कमजोरी आई है। निफ्टी के आईटी इंडेक्स में 1.6 फीसदी और फार्मा इंडेक्स में 2.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बीएसई के रियल्टी इंडेक्स में 3.75 फीसदी और पावर इंडेक्स में 1 फीसदी की गिरावट दिख रही है।

 

बाजार में कारोबार के इस दौरान दिग्गज शेयरों में सिप्ला, एचडीएफसी, आईटीसी, भारती इंफ्राटेल, एचयूएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज 3.3-1.9 फीसदी तक मजबूत हुए हैं। हालांकि दिग्गज शेयरों में टेक महिंद्रा, सन फार्मा, अदानी पोर्ट्स, यस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बीएचईएल, आईसीआईसीआई बैंक और इंफोसिस 11.9-1.5 फीसदी तक गिरे हैं। मिडकैप शेयरों में रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस इंफ्रा, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस पावर और अदानी पावर सबसे ज्यादा 19-5.9 फीसदी तक टूटे हैं।

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21 दिन में 1000 अंक बढ़ा सेंसेक्स तीन साल पर सेंसेक्स ने दी मोदी को सलामी, रिकॉर्ड स्तर पर बंद

मुंबईजब से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सत्ता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार आई है, बाजार लगातार नई ऊंचाई बना रहा है। शुक्रवार को सरकार के तीन साल के कार्यकाल को पूरा होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सेंसेक्स ने भी मोदी को सलामी दी और यह 278 अंकों की छलांग लगाकर पहली बार 31,028 अंकों पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 85 अंक बढ़कर 9,595 अंक पर बंद हुआ।

 

सेंसेक्स ने 30 हजार से 31 हजार जाने यानी एक हजार की छलांग लगाने में महज 21 दिन लगाया। 26 अप्रैल को सेंसेक्स 30 हजार पर था जबकि शुक्रवार को यह 31,000 को पार कर गया। विश्लेषकों का मानना है कि यहां से भी सेंसेक्स में आगे बढ़ोत्तरी की उम्मीद है, हालांकि मिड कैप में थोड़ी गिरावट हो सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई), घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) द्वारा लगातार ज्यादा निवेश हो रहा है। मई में अब तक एफआईआई ने 10 हजार करोड़ से ज्यादा का शुद्ध निवेश इक्विटी बाजार में किया है। एफआईआई ने इस महीने में सबसे अधिक 22 मई को निवेश किया है जो 3,172 करोड़ रुपये रहा है।

 

चौथी तिमाही के अब तक जो परिणाम आए हैं, उसमें कुछ को छोड़कर अधिकतर उम्मीदों के अनुरूप रहे हैं। जबकि इस साल मानसून को लेकर भी अच्छा अनुमान लगाया गया है और 30 मई को यह केरल में आ जाएगा। दूसरी ओर अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मीटिंग से जो संकेत मिल रहे हैं, उसमें ब्याज दरों को फिलहाल यथास्थित रखा जा सकता है। इससे वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुझान दिखा है।

 

एसएंडपी 500 और नास्डाक ने गुरुवार को बंद के आधार पर रिकॉर्ड बनाया था। दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतें अभी भी 42 से 55 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में हैं इसलिए इसमें आगे चलकर और कमी होने की उम्मीद जताई जा रही है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण अभी भी 125 लाख करोड़ रुपये रहा है। टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच बाजार पूंजीकरण में अब 74 हजार करोड़ रुपये का अंतर हो गया है, जबकि कुछ दिन पहले रिलायंस पहले क्रम पर पहुंच गई थी। शुक्रवार को टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 5.08 लाख करोड़ तो रिलायंस का 4.34 लाख करोड़ रुपये रहा।

 

 

मोदी के अलावा भी कई पीएम, जिनके कार्यकाल में सेंसेक्स की अच्छी बढ़त रही

 

मुंबई– वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में सेंसेक्स और निफ्टी ने भले ही अच्छी बढ़त बनाई हो, लेकिन इससे पहले भी कई प्रधानमंत्री रहे हैं, जिनके कार्यकाल में बाजार ने इसी तरह से बढ़त लगाई है।

 

आंकड़ों की मानें और 1991 से देखें तो मोदी के कार्यकाल में निवेशकों ने जितना लाभ कमाया है, उससे कहीं ज्यादा पहले के प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में कमाया है। मोदी के तीन साल के कार्यकाल में सेंसेक्स ने 24 फीसदी का लाभ दिया है जिसमें मिड कैप और स्मॉल कैप 60 फीसदी से ऊपर बढ़े हैं। दूसरी ओर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में मनमोहन सिंह के पहले कार्यकाल के पहले तीन साल में सेंसेक्स ने 191 फीसदी का रिटर्न दिया था।

 

बात करें पहले राजग सरकार के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल (1999-2002) की तो उनके पहले तीन साल के कार्यकाल में सेंसेक्स में 40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन 1991 की तो उस समय के प्रधानमंत्री पामुल पति वेंकट नरसिम्हा राव के कार्यकाल में सेंसेक्स ने 218 फीसदी का रिटर्न दिया था।

 

अटल बिहारी वाजपेयी 6 साल से ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री रहे तो इंद्र कुमार गुजराल और एचडी देवेगौड़ा भी प्रधानमंत्री रहे लेकिन वे तीन साल पूरा नहीं कर पाए। मनमोहन सिंह के पहले कार्यकाल 2004-2007 के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था में काफी तेजी थी जिसकी वजह से तेजी दिखी थी। लेकिन 2008 में वैश्विक स्तर पर जब आर्थिक मंदी छाई तो पूरी दुनिया की विकास गति रुक गई।

 

मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है, वैश्विक स्तर पर बहुत अच्छी अर्थव्यवस्था नहीं रही है, लेकिन भारत के लिए यह अच्छा रहा है कि पिछले तीन साल में कच्चे तेल की कीमतें अपने उच्च स्तर से 65 फीसदी से ज्यादा गिर चुकी हैं। साथ ही कुछ आर्थिक सुधारों ने भी भारत की बेहतरी में प्रमुख भूमिका निभाई।sensex 1

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